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Navratri Fasting (नवरात्रि व्रत) केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। भारत में नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का समय होता है। इस दौरान उपवास रखने से शरीर की शुद्धि होती है, पाचन तंत्र को आराम मिलता है, और संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि Navratri करने से शरीर को डिटॉक्स करने, वजन घटाने और इम्यून सिस्टम मजबूत करने जैसे कई फायदे मिलते हैं? इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है और इसे सही तरीके से कैसे करें।
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Navratri Fasting भारतीय संस्कृति में एक आध्यात्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। धार्मिक दृष्टि से यह व्रत माँ दुर्गा की कृपा पाने के लिए रखा जाता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह शरीर के लिए डिटॉक्सिफिकेशन का बेहतरीन तरीका है।
Navratri के दौरान सात्त्विक भोजन लिया जाता है, जिसमें साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, फल, मेवे और दूध प्रमुख होते हैं। इस व्रत में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन वर्जित होता है, जिससे शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और ताजगी मिलती है।
अब आइए जानते हैं कि Navratri स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद है।

वर्ष में कितने नवरात्रि होते हैं और उनका महत्व
1. चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल)
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है और इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत माना जाता है।
2. शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर)
शारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख होती है और इसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
3. माघ गुप्त नवरात्रि (जनवरी-फरवरी)
यह नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं और गुप्त पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
4. आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (जून-जुलाई)
इस नवरात्रि को साधना और तपस्या के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया
आजकल के जीवन में जंक फूड और मिलावटी आहार के कारण शरीर में कई तरह के विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं। Navratri के दौरान जब हम हल्का और सात्त्विक भोजन करते हैं, तो यह शरीर से टॉक्सिन्स (विषैले तत्व) को बाहर निकालने में मदद करता है।
इससे लिवर और किडनी को आराम मिलता है और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।
2. वजन घटाने में सहायक
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो Navratri एक बेहतरीन उपाय हो सकता है। इस दौरान शरीर को कम कैलोरी वाला भोजन मिलता है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वसा (फैट) तेजी से घटती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उपवास रखने से शरीर ऊर्जा के लिए जमा चर्बी का उपयोग करता है, जिससे वजन तेजी से घटता है।
3. पाचन तंत्र को आराम मिलता है
हमारा पाचन तंत्र लगातार भोजन पचाने में व्यस्त रहता है। Navratri के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन लेने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है, जिससे कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं।
4. इम्यूनिटी को मजबूत करता है
आज के समय में मजबूत इम्यूनिटी बेहद जरूरी है। Navratri के दौरान फल, मेवे और हर्बल ड्रिंक्स का सेवन करने से शरीर को एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन्स मिलते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
5. हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
फास्टिंग के दौरान कम तेल और कम मसाले वाला भोजन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहता है। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य बना रहता है।
6. मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है
Navratri केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। उपवास के दौरान ध्यान और योग करने से मानसिक तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
7. ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है
अगर सही आहार लिया जाए तो Navratri डायबिटीज रोगियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। लो-कार्ब डाइट और प्राकृतिक मिठास वाले खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं।
8. मेटाबॉलिज्म को सुधारता है
Navratri से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे भोजन को पचाने और ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया बेहतर होती है।
9. त्वचा को निखारता है
फास्टिंग के दौरान जब शरीर के अंदरूनी टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, तो त्वचा अधिक चमकदार और स्वस्थ दिखाई देती है।
10. अध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है
Navratri केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आत्मा को भी शुद्ध करता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता को बढ़ावा देता है।

- सुबह की शुरुआत हर्बल चाय और फलों से करें।
- नाश्ते में साबूदाना या सिंघाड़े का हलवा लें।
- लंच में कुट्टू या राजगिरा के आटे से बनी रोटी और दही खाएं।
- शाम को नारियल पानी या हर्बल ड्रिंक लें।
- रात को हल्का भोजन करें, जैसे- फल, दूध या खिचड़ी।
क्या खाएं?
✔ साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा
✔ फल और मेवे
✔ दूध, दही और छाछ
✔ सेंधा नमक वाला भोजन
✔ नारियल पानी और हर्बल टी
क्या न खाएं?
❌ गेहूं और चावल
❌ प्याज और लहसुन
❌ तली-भुनी चीजें
❌ नॉन-वेज और शराब
❌ सामान्य नमक
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Navratri Fasting आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ दोनों के लिए किया जाता है। यह शरीर को शुद्ध करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
हाँ, उपवास के दौरान पानी पीना आवश्यक होता है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
हाँ, लेकिन उन्हें अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और ऐसे खाद्य पदार्थ चुनने चाहिए जो ब्लड शुगर को संतुलित रखें।
साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, दूध, फल, मखाना, मूंगफली, आलू आदि खा सकते हैं।
गेहूं, चावल, दालें, प्याज, लहसुन, नॉनवेज, शराब और तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
हाँ, यदि सही तरीके से किया जाए तो यह वजन कम करने में सहायक हो सकता है।
यदि वे स्वस्थ हैं और उन्हें कोई चिकित्सीय समस्या नहीं है, तो वे हल्का उपवास कर सकते हैं।
8. क्या उपवास के दौरान चाय और कॉफी पी सकते हैं?
हाँ, लेकिन बिना कैफीन वाली हर्बल चाय पीना अधिक फायदेमंद होता है।
हल्के व्यायाम, जैसे योग और ध्यान, उपवास के दौरान किए जा सकते हैं।
उपवास तोड़ते समय हल्का और सुपाच्य भोजन करें ताकि पाचन तंत्र पर अधिक दबाव न पड़े।
निष्कर्ष
Navratri केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य लाभदायक प्रक्रिया है। अगर इसे सही तरीके से किया जाए, तो यह न केवल आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रख सकता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त बना सकता है।
यदि आप अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो इस नवरात्रि को जरूर अपनाएं और इसके फायदों का लाभ उठाएं!